आश्विन मास की प्रतिपदा से शारदीय नवरात्रि शुरू होते हैं। इस बार शारदीय नवरात्रि 22 सितंबर सोमवार से शुरू हो रहे हैं। इस वर्ष देवी दुर्गा का आगमन हाथी पर हो रहा है, जो सुख-समृद्धि, राष्ट्र उन्नति और कल्याण का प्रतीक है। इसके अलावा इस तिथि पर उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र और हस्त नक्षत्र योग का संयोग बन रहा है।शास्त्रों के अनुसार नवरात्रि के नौ दिनों में कुछ कार्यों को करना वर्जित माना गया है।

इस अवधि में बाल कटवाना, दाढ़ी बनवाना और नाखून काटना अशुभ होता है। मान्यता है कि ऐसा करने से देवी रुष्ट हो जाती हैं। यदि आपने घर में कलश स्थापना की है या अखंड ज्योति जलाई है, तो घर को कभी भी सूना नहीं छोड़ना चाहिए। किसी न किसी सदस्य का घर में रहना अनिवार्य होता है। इन दिनों में चमड़े से बनी वस्तुओं जैसे बेल्ट, जूते या बैग का उपयोग करने से भी बचना चाहिए।
शास्त्रों के अनुसार, नवरात्रि में अखंड ज्योति जलाने से घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है और मां भगवती की विशेष कृपा प्राप्त होती है। इस ज्योति के प्रकाश से परिवार के सदस्यों को आरोग्य का आशीर्वाद मिलता है और शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है। यह परिवार की सभी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा और वास्तु दोषों को भी समाप्त करती है।









